ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान हिमाचल की सामाजिक संरचना पर राष्ट्रीय परिसंवाद की मेजबानी करेगा

07 नव 2025
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ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान हिमाचल की सामाजिक संरचना पर राष्ट्रीय परिसंवाद की मेजबानी करेगा
ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान, नेरी (हमीरपुर) ने 8-9 नवम्बर, 2025 को "हिमाचल प्रदेश की सामाजिक संरचना: निरंतरता और परिवर्तन" विषय पर एक राष्ट्रीय परिसंवाद आयोजित करने की घोषणा की है। यह प्रमुख अकादमिक आयोजन विद्वानों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों को हिमाचली समाज के विकास का विश्लेषण करने के लिए एक मंच पर लाएगा। परिसंवाद में ('देव संस्कृति' और लोक-रीतियों) जैसी गहरी-जड़ों वाली सांस्कृतिक परंपराओं और वैश्वीकरण, शिक्षा व प्रवासन जैसे आधुनिक प्रभावों के बीच परस्पर क्रिया पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
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मुख्य विशेषताएं

क्या: "हिमाचल प्रदेश की सामाजिक संरचना : निरंतरता और परिवर्तन" विषय पर राष्ट्रीय परिसंवाद।

कब: 08-09 नवम्बर, 2025।

कहाँ: ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान (TRISS), नेरी, हमीरपुर।

मुख्य फोकस: हिमाचली समाज में परंपरा ('देव संस्कृति' जैसी) और आधुनिक प्रभावों (वैश्वीकरण जैसे) के बीच परस्पर संवाद का विश्लेषण।

शोध पत्र आमंत्रण: लघु-शोध पत्र (सार) की अंतिम तिथि 20 अक्तूबर, 2025; विस्तृत शोध पत्र की अंतिम तिथि 02 नवम्बर, 2025। चयनित पत्र प्रकाशित किए जाएँगे।

दस्तावेज़ और अनुलग्नक

पूरा लेख

ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान द्वारा हिमाचल की सामाजिक संरचना पर राष्ट्रीय परिसंवाद की घोषणा

08-09 नवम्बर, 2025 को होने वाला यह दो दिवसीय परिसंवाद, हिमाचली समाज में 'निरंतरता और परिवर्तन' के संवाद पर विद्वानों को एक साथ लाएगा।

नेरी, हमीरपुर स्थित ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान (TRISS) ने "हिमाचल प्रदेश की सामाजिक संरचना : निरंतरता और परिवर्तन" विषय पर एक राष्ट्रीय परिसंवाद आयोजित करने की औपचारिक घोषणा की है। यह दो दिवसीय अकादमिक आयोजन 08-09 नवम्बर, 2025 को संस्थान के परिसर में निर्धारित है।

इस परिसंवाद का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के समृद्ध और जटिल सामाजिक ताने-बाने का गहन मूल्यांकन करना है। यह विद्वानों के लिए राज्य की गहरी-जड़ों वाली सांस्कृतिक परंपराओं और आधुनिकता, वैश्वीकरण, शिक्षा व प्रवासन की परिवर्तनकारी शक्तियों के बीच गतिशील परस्पर क्रिया का विश्लेषण करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में काम करेगा।

सहयोगी संस्थान और प्रतिभागी

इस महत्वपूर्ण आयोजन को कई प्रमुख शैक्षणिक भागीदारों के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है, जिनमें इतिहास विभाग (सरदार पटेल विश्वविद्यालय, मण्डी), इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र (शिमला), और नालंदा कॉलेज ऑफ एजुकेशन (झनियारी) शामिल हैं।

संस्थान इस परिसंवाद में इतिहास, समाजशास्त्र, नृविज्ञान, राजनीति विज्ञान, लोक साहित्य तथा पर्यावरण अध्ययन से जुड़े विद्वानों, शोधकर्ताओं, शिक्षकों, समाजसेवियों और विद्यार्थियों को भाग लेने के लिए आमंत्रित करता है।

मुख्य विषय और शोध पत्र आमंत्रण

चर्चाएँ निम्नलिखित सहित विविध उप-विषयों पर केंद्रित होंगी:

  • पारंपरिक परिवार, विवाह प्रणाली एवं गोत्रीय व्यवस्था
  • 'देव संस्कृति' और देव संस्थानों की भूमिका व प्रभाव
  • जातीय और पेशागत संरचनाएँ
  • लोक परंपराएँ, रीति-रिवाज, लोकभाषा और लोकगीत
  • परिवार और समुदाय में महिलाओं की बदलती स्थिति
  • वैश्वीकरण, प्रवासन और संचार माध्यमों का प्रभाव

संस्थान ने अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में (3000-5000 शब्दों के) मूल शोध पत्रों के लिए एक 'कॉल फॉर पेपर्स' जारी किया है। लघु-शोध पत्र (सार) जमा करने की अंतिम तिथि 20 अक्तूबर, 2025 है, तथा विस्तृत शोध पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 02 नवम्बर, 2025 है। चयनित उच्च गुणवत्ता वाले शोध पत्रों को संस्थान द्वारा प्रकाशित किया जाएगा।

पंजीकृत प्रतिभागी विद्वानों तथा शोधकर्ताओं के आवास एवं भोजन की व्यवस्था संस्थान द्वारा की जाएगी। अधिक जानकारी के लिए, इच्छुक पक्ष संयोजक से [email protected] पर संपर्क कर सकते हैं।