कार्यशाला के बारे में
यह कार्यशाला शोधार्थियों और शिक्षाविदों के लिए आयोजित एक व्यवस्थित प्रशिक्षण है, जो शोध प्रस्ताव तैयार करने, डेटा संग्रह, विश्लेषण और रिपोर्ट लेखन में वैज्ञानिक तकनीकों को सिखाने पर केन्द्रित रहेगी। यह कार्यशाला सॉफ्टवेयर व तकनीकी उपकरणों के उपयोग के माध्यम से व्यावहारिक अनुसंधान का ज्ञान प्रदान करेगी तथा शोध के नैतिक मुद्दों और साहित्यिक चोरी की जांच पर व्यावहारिक जानकारी देगी।
कार्यक्रम विवरण
तिथियां: 05-07 जून, 2026
स्थान: ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान नेरी, जिला हमीरपुर (हि.प्र.)-177001
पंजीकरण लिंक: https://forms.gle/yMUdNnyPLJrpufZN7
कार्यशाला के उद्देश्य
- इतिहास अनुसंधान की मूल पद्धतियों और सिद्धांतों की जानकारी देना।
- साक्षात्कार की विधि, क्षेत्रीय अन्वेषण की तकनीक तथा जानकारी (डेटा) एकत्र करने के व्यावहारिक तरीकों का प्रशिक्षण देना।
- क्षेत्रीय शोध कार्य हेतु प्रोत्साहित करना तथा शोधार्थियों को अपने क्षेत्र के इतिहास का दस्तावेजीकरण करने के लिए प्रेरित करना।
- सामाजिक विज्ञान में शोध की बुनियादी समझ विकसित करना और प्राथमिक एवं द्वितीयक स्रोतों के उपयोग की जानकारी देना।
मुख्य विषय एवं घटक
- सामाजिक अनुसंधान की अवधारणा और पद्धति
- अनुसंधान रचना एवं शोध समस्या का चयन
- अनुसंधान में भारतीय पद्धति का उपयोग
- अधिगम एवं शोध के लिए डिजिटल संसाधन
- साहित्यिक चोरी और अनुसंधान नैतिकता
प्रतिभागी जानकारी एवं शुल्क
कार्यशाला मुख्य रूप से शोधार्थियों, परास्नातक छात्रों और नए शोधकर्ताओं के लिए उपयोगी रहेगी और प्रतिभागियों की संख्या 30-35 तक सीमित रहेगी।
विद्यार्थी एवं शोधार्थी: 100.00 रुपये
विद्वान एवं शिक्षक: 200.00 रुपये
(आवश्यक सूचना: पंजीकरण शुल्क कार्यशाला स्थल पर जमा किया जाएगा।)
सुविधाएं
प्रतिभागी विद्वानों तथा शोधकर्ताओं के आवास एवं भोजन की व्यवस्था संस्थान द्वारा की जाएगी तथा स्थानीय यातायात की व्यवस्था शोध संस्थान आवश्यकतानुसार उपलब्ध करवाएगा।
आयोजक एवं संपर्क
ई-मेल: [email protected]
दूरभाष: +91-9418666634, 01972-262905
संयोजक: प्रो. कंवर चन्द्रदीप सिंह (अधिष्ठाता, सामाजिक विज्ञान संकाय, हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय, देहरा) | दूरभाष: +91-9531804179
सह-संयोजक: सन्नी कुमार (सहायक आचार्य, इतिहास विभाग, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला) | दूरभाष: +91-9816584518