राष्ट्रीय परिसंवाद: "उत्तर पश्चिमी हिमालय में पर्यावरण के ऐतिहासिक और समकालीन परिप्रेक्ष्य"

14 नव 2026 • 09:00
15 नव 2026 • 18:00
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राष्ट्रीय परिसंवाद: "उत्तर पश्चिमी हिमालय में पर्यावरण के ऐतिहासिक और समकालीन परिप्रेक्ष्य"
ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान, नेरी (हमीरपुर, हि.प्र.) द्वारा आयोजित और भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद् (आई.सी.एच.आर.), नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित यह राष्ट्रीय परिसंवाद उत्तर-पश्चिमी हिमालय के पर्यावरणीय इतिहास, पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों और समकालीन पारिस्थितिक चुनौतियों पर केंद्रित है।
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मुख्य विशेषताएं

आई.सी.एच.आर. प्रायोजित: भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद् (ICHR), नई दिल्ली के सौजन्य एवं सहयोग से आयोजित।

बहु-विषयक विमर्श: उत्तर-पश्चिमी हिमालय के पर्यावरणीय इतिहास, सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक जल प्रबंधन और समकालीन संकटों पर गंभीर अकादमिक चर्चा।

आवास एवं भोजन व्यवस्था: भाग लेने वाले पंजीकृत शोधकर्ताओं और विद्वानों के लिए संस्थान द्वारा निःशुल्क आवास, भोजन तथा स्थानीय यातायात की सुविधा।

प्रकाशन अवसर: चयनित शोध-पत्रों को परिसंवाद की कार्यवाही अथवा संपादित शोध-संकलन में प्रकाशन के लिए विचारार्थ रखा जाएगा।

विवरण

राष्ट्रीय परिसंवाद: "उत्तर पश्चिमी हिमालय में पर्यावरण के ऐतिहासिक और समकालीन परिप्रेक्ष्य"

तिथियां: 14-15 नवम्बर, 2026 (कार्तिक शुक्ल पंचमी-षष्ठी, विक्रमी संवत 2083)

आयोजन स्थल: ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान, नेरी, जिला हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश (177001)

आयोजक: ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान, नेरी, हमीरपुर (हि.प्र.)

प्रायोजक: भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद् (ICHR), नई दिल्ली

भूमिका

उत्तर-पश्चिमी हिमालय केवल भौगोलिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि एतिहासिक, सांस्कृतिक तथा पारिस्थितिक दृष्टि से भी भारत की अमूल्य धरोहर है। यह क्षेत्र प्राचीन काल से ही प्रकृति और मानव के संतुलित सह-अस्तित्व का सशक्त उदाहरण रहा है। यहाँ की नदियाँ, पर्वत, वन, झीलें, हिमनद, देववन, लोकदेवताओं की परंपरा, कृषि-व्यवस्था और लोकआचार एक ऐसी पर्यावरणीय चेतना को अभिव्यक्त करते हैं, जिसमें प्रकृति को केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवन, संस्कृति और आध्यात्मिकता का आधार माना गया है।

वर्तमान समय में हिमालय अभूतपूर्व पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिनमें वैश्विक जलवायु परिवर्तन, तीव्र शहरीकरण, अनियोजित विकास, हिमनदों का क्षरण, जलस्रोतों का सूखना और जैव विविधता का ह्रास शामिल हैं। यह राष्ट्रीय परिसंवाद देशरभर के विद्वानों, शोधकर्ताओं और शिक्षकों को एक साझा अकादमिक मंच प्रदान करेगा, जहाँ उत्तर-पश्चिमी हिमालय के पर्यावरणीय इतिहास और समकालीन चुनौतियों पर गंभीर विमर्श किया जा सके।

परिसंवाद के उद्देश्य

 

  1. उत्तर-पश्चिमी हिमालय की पर्यावरणीय चेतना के ऐतिहासिक स्वरूप का अध्ययन।
  2. सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण के पारस्परिक संबंधों का विश्लेषण।
  3. हिमालयी समाज में पारंपरिक पर्यावरणीय ज्ञान और संरक्षण प्रणालियों का पुनर्मूल्यांकन।
  4. जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय संकटों के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य का अध्ययन।
  5. शिलालेखों, अभिलेखों, पांडुलिपियों, लोकसाहित्य और पुरातात्विक साक्ष्यों में निहित पर्यावरणीय अवधारणाओं का विश्लेषण।
  6. नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं और स्थानीय समुदायों के मध्य संवाद स्थापित करना।
  7. हिमालयी क्षेत्र के सतत और संतुलित विकास हेतु ऐतिहासिक अनुभवों पर आधारित सुझाव विकसित करना।

शोध-पत्रों के लिए उप-विषय

  1. उत्तर-पश्चिमी हिमालय का पर्यावरणीय इतिहास
  2. हिमालय की सांस्कृतिक विरासत एवं पर्यावरणीय परंपराएँ
  3. शिलालेखों, अभिलेखों एवं पांडुलिपियों में पर्यावरणीय संदर्भ
  4. हिमालयी नदियाँ, जलस्रोत और पारंपरिक जल प्रबंधन
  5. लोकदेवता परंपरा एवं प्रकृति संरक्षण
  6. जैव विविधता, वन और पारिस्थितिक संतुलन
  7. जलवायु परिवर्तन और हिमालय
  8. प्राकृतिक आपदाएँ : इतिहास और वर्तमान
  9. हिमालयी लोकज्ञान एवं सतत विकास
  10. पर्यावरण संरक्षण में भारतीय ज्ञान-परंपरा की भूमिका
  11. हिमालयी स्थापत्य और पारिस्थितिक अनुकूल्न
  12. पर्यावरणीय नीति और हिमालय का भविष्य

महत्वपूर्ण तिथियां एवं दिशा-निर्देश

लघु शोध-पत्र (सार/Abstract - 300-500 शब्द व 5-7 कुंजी-शब्द) प्राप्ति: 15 सितम्बर, 2026

विस्तृत शोध-पत्र (3000-5000 शब्द) प्राप्ति: 30 सितम्बर, 2026

शोध पत्र भेजने का ईमेल: [email protected]

फॉन्ट निर्देश: यूनिकोड (मंगल/अपराजिता) या क्रुटदेव 010 (आकार 14) / टाइम्स न्यू रोमन (आकार 12)।

पंजीकरण एवं शुल्क

शोध-पत्र लेखक विद्वान: रु. 700.00
शोधार्थी: रु. 300.00
पंजीकरण लिंक: Google Form Link

बैंक खाता विवरण:

खाता नाम: ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान
खाता संख्या: 11500110080245
बैंक: यूको बैंक, हमीरपुर (हि.प्र.)
आईएफएससी कोड: UCBA0001150
UPI-ID: thakurramsingh80245@ucobank

आवश्यक सूचना

प्रतिभागी विद्वानों तथा शोधकर्ताओं के आवास एवं भोजन की व्यवस्था संस्थान द्वारा की जाएगी तथा स्थानीय यातायात की व्यवस्था शोध संस्थान आवश्यकतानुसार उपलब्ध करवाएगा।