हिमाचल की सामाजिक संरचना पर राष्ट्रीय परिसंवाद: निरंतरता और परिवर्तन

08 नव 2025 • 10:00
09 नव 2025 • 18:00
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हिमाचल की सामाजिक संरचना पर राष्ट्रीय परिसंवाद: निरंतरता और परिवर्तन
"हिमाचल प्रदेश की सामाजिक संरचना : निरंतरता और परिवर्तन" विषय पर 08-09 नवम्बर, 2025 को आयोजित राष्ट्रीय परिसंवाद में शामिल हों। ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान, नेरी द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम विद्वानों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों को परंपरा व आधुनिकता के बीच परस्पर संवाद पर चर्चा के लिए एक मंच प्रदान करता है। परिसंवाद में 'देव संस्कृति', लोक परंपराओं और हिमाचली समाज पर वैश्वीकरण के प्रभाव जैसे विषयों पर शोध-पत्र वाचन, व्याख्यान और चर्चा सत्र शामिल होंगे।
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मुख्य विशेषताएं

कार्यक्रम: "हिमाचल प्रदेश की सामाजिक संरचना : निरंतरता और परिवर्तन" विषय पर राष्ट्रीय परिसंवाद ।

प्रतिभागी: इतिहास, समाजशास्त्र, नृविज्ञान, राजनीति विज्ञान, लोक साहित्य तथा पर्यावरण अध्ययन से जुड़े विद्वान, विशेषज्ञ, शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी आमंत्रित हैं ।

शोध पत्र: चयनित मूल और उच्च गुणवत्ता वाले शोध पत्रों (3000-5000 शब्द) को (हिंदी और अंग्रेजी में) प्रकाशित किया जाएगा ।

आवश्यक तिथियां: लघु शोध पत्र प्राप्ति: 20 अक्तूबर, 2025 । विस्तृत शोध पत्र प्राप्ति: 02 नवम्बर, 2025 ।

पंजीकरण शुल्क: शोध पत्र लेखक विद्वान: रु. 700.00 । शोधार्थी: रु. 300.00 ।

प्रतिभागियों हेतु व्यवस्था: प्रतिभागी विद्वानों तथा शोधकर्ताओं के आवास एवं भोजन की व्यवस्था संस्थान द्वारा की जाएगी ।

विवरण

राष्ट्रीय परिसंवाद: हिमाचल प्रदेश की सामाजिक संरचना : निरंतरता और परिवर्तन

 

तिथियां: 08-09 नवम्बर, 2025
परिसंवाद स्थल: ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान नेरी, जिला हमीरपुर (हि.प्र.)

आयोजक एवं सहभागी संस्थान

  • आयोजक: ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान
  • सहभागी:
    • इतिहास विभाग, सरदार पटेल विश्वविद्यालय, मण्डी (हि.प्र.)
    • इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय क्षेत्रीय केन्द्र, शिमला (हि.प्र.)
    • नालंदा कॉलेज ऑफ एजुकेशन, झनियारी, हमीरपुर (हि.प्र.)

भूमिका

यह परिसंवाद हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक विविधता, समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक मान्यताओं से निर्मित सामाजिक व्यवस्था का मूल्यांकन करने का एक प्रयास है। इसमें निरंतरता और परिवर्तन दोनों ही समानांतर रूप से दिखाई देते हैं। यहाँ की सामाजिक सरंचना न केवल पारंपरिक मूल्यों से निर्मित रही है, बल्कि समय-समय पर हुए राजनीतिक परिवर्तनों, आर्थिक गतिविधियों और वैश्विक संपर्कों से भी प्रभावित रही है। समय के साथ शिक्षा, संचार, प्रवासन, वैश्वीकरण और आधुनिक विचारधाराओं ने समाज की संरचना में परिवर्तन लाया है।

परिसंवाद के उद्देश्य

  • हिमाचल प्रदेश की सामाजिक संरचना, परंपराओं, व्यवस्थाओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत को गहराई से समझना तथा उनका मूल्यांकन करना।
  • यह विमर्श करना कि समय के साथ समाज में क्या बदलाव आए तथा इन बदलावों के कारणों और प्रभावों पर मंथन करना।
  • सामाजिक संरचना को ऐतिहासिक, समाजशास्त्रीय और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से समझना कि किस प्रकार सामाजिक संस्थाएँ आज भी निरंतरता बनाए हुए हैं।
  • यह जानने का प्रयास करना कि किस प्रकार परंपराएँ और आधुनिक विचारधाराएँ एक-दूसरे के साथ तालमेल बिठाती हैं।

परिसंवाद के उप-विषय

  • पारंपरिक सामाजिक संरचना
  • परिवार, विवाह प्रणाली एवं गोत्रीय व्यवस्था
  • जातीय और पेशागत संरचनाएँ
  • देव संस्कृति एवं देव संस्थान
  • लोक परंपराएँ एवं रीति-रिवाज
  • सामाजिक सरंचना की रक्तवाहिनियां लोकभाषा, लोकगीत और लोककथाएँ
  • लोकसंस्कृति और सामाजिक एकता (मेले, त्यौहार)
  • परिवार और समुदाय में महिलाओं की स्थिति
  • परम्परा के संरक्षण और परिवर्तन में युवाओं की भूमिका
  • शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार माध्यमों का प्रभाव
  • वैश्वीकरण, प्रवासन व आधुनिकता का प्रभाव
  • सामाजिक संरचना के संरक्षण में शैक्षिक संस्थाओं की भूमिका

शोध पत्र एवं प्रकाशन

  • प्रतिभागी: इतिहास, समाजशास्त्र, नृविज्ञान, राजनीति विज्ञान, लोक साहित्य तथा पर्यावरण अध्ययन से जुड़े विद्वान, विशेषज्ञ, स्थानीय बुद्धिजीवी, समाजसेवी, शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी आमंत्रित रहेंगे।
  • भाषा: हिंदी और अंग्रेजी।
  • शब्द सीमा: 3000-5000 शब्द।
  • फॉन्ट: हिंदी के लिए Kruti dev 010 (आकार 12); अंग्रेजी के लिए Times New Roman (आकार 12)।
  • प्रकाशन: चयनित मूल और उच्च गुणवत्ता वाले शोध पत्रों को प्रकाशित किया जाएगा।
  • ईमेल: सार और शोध पत्रों को [email protected] पर भेज सकते हैं।

आवश्यक तिथियां एवं पंजीकरण शुल्क

  • लघु शोध पत्र प्राप्ति: 20 अक्तूबर, 2025
  • विस्तृत शोध पत्र प्राप्ति: 02 नवम्बर, 2025
  • पंजीकरण शुल्क (शोध पत्र लेखक विद्वान): रु. 700.00
  • पंजीकरण शुल्क (शोधार्थी): रु. 300.00

बैंक खाता विवरण

  • खाता नाम: ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान
  • खाता संख्या: 11500210001851
  • बैंक: यूको बैंक, हमीरपुर (हि.प्र.)
  • आईएफएससी कोड: UCBA0001150
  • UPI-ID: 11500210001851@ucobank

आवश्यक सूचना

  • प्रतिभागी विद्वानों तथा शोधकर्ताओं के आवास एवं भोजन की व्यवस्था संस्थान द्वारा की जाएगी।
  • स्थानीय यातायात की व्यवस्था शोध संस्थान आवश्यकतानुसार उपलब्ध करवाएगा।

पत्राचार एवं संपर्क

  • संयोजक:
    • डॉ. राकेश कुमार शर्मा
    • डॉ. बिन्दू साहनी
  • आयोजन सचिव:
    • प्रो. अनिल कुमार
  • पत्राचार पता: ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान नेरी, जिला हमीरपुर (हि.प्र.)-177001
  • दूरभाष: +91-7018113630, 01972-262905
  • ई-मेल: [email protected]